जबलपुर। मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के आगामी चुनाव वर्ष 2026 को लेकर अधिवक्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। परिषद के सदस्य पद हेतु मतदान दिनांक 12 मई 2026 निर्धारित किया गया है, जिसके लिए दिनांक 8-10 अप्रैल 2026 को नामांकन प्रक्रिया निर्धारित समयानुसार दोपहर 12:00 बजे से 1:00 बजे के बीच विभिन्न जिलों से आए अधिवक्ताओं ने बढ़-चढ़कर अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।
इस दौरान प्रदेश के कई प्रमुख जिलों जैसे रीवा, सीधी, मंडला, सिवनी, शहडोल, बालाघाट, डिंडोरी, सिंगरौली, कटनी, सागर, दमोह, इंदौर और ग्वालियर सहित अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में अधिवक्ता साथी उपस्थित रहे। सभी ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराते हुए चुनावी माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया।
नामांकन प्रक्रिया का संचालन चुनाव अधिकारी जस्टिस एस के पालो की देखरेख में किया गया। पूरी प्रक्रिया सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई, जिससे अधिवक्ताओं में विश्वास और संतोष का माहौल देखा गया। अधिवक्ता परिषद कार्यालय में दिनभर गहमागहमी बनी रही और विभिन्न प्रत्याशियों के समर्थकों की उपस्थिति ने माहौल को और अधिक जीवंत बना दिया।

इस अवसर पर गोपाल सिंह बघेल (एडवोकेट, हाईकोर्ट जबलपुर) ने भी सदस्य पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, न्याय व्यवस्था को मजबूत करने तथा परिषद को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वे चुनाव मैदान में उतरे हैं। उन्होंने सभी अधिवक्ता साथियों से सहयोग और समर्थन की अपील की।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के चुनाव प्रदेश के अधिवक्ताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि यह संस्था अधिवक्ताओं के अधिकारों, कर्तव्यों और पेशेवर मानकों को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाती है। अब सभी की निगाहें आगामी 12 मई को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जहां अधिवक्ता अपने प्रतिनिधियों का चयन करेंगे।
इस प्रकार नामांकन प्रक्रिया के सफलतापूर्वक संपन्न होने के साथ ही चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में प्रचार-प्रसार तथा रणनीतियों का दौर भी तेज होने की संभावना है।



