शिकायत पर सीधे FIR और जांच संभव, सुप्रीम Court ने बताया कानून
Landmark Judgement (347)
(2021) 8 SCC 753
Supreme Court of India
Bhiwandi Wada Manor Infrastructure Private Limited
vs.
State of Maharashtra
⚖️ महत्वपूर्ण निर्णय ⚖️
मजिस्ट्रेट को धारा 156(3) Cr.PC के तहत पुलिस को जांच करने का आदेश देने के पहले धारा 200 Cr.PC के अंतर्गत परिवादी का शपथ पर बयान अभिलिखित करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
✅ Held:
1️⃣ Magistrate द्वारा Section 156(3) CrPC के अंतर्गत जांच का आदेश देने से पहले शिकायतकर्ता का शपथ पर परीक्षण आवश्यक नहीं।
2️⃣ यदि Magistrate ने अपने आदेश में FIR दर्ज करने का स्पष्ट निर्देश नहीं भी दिया हो, तब भी पुलिस को पहले FIR दर्ज करनी होगी।
3️⃣ चाहे FIR पुलिस स्वयं दर्ज करे या Magistrate के आदेश पर, दोनों ही स्थिति में जांच का परिणाम Section 173 CrPC की Police Report होगी।
4️⃣ Section 156(3) के अंतर्गत जांच का आदेश देना Magistrate द्वारा cognizance लेना नहीं माना जाएगा, इसलिए Section 202 CrPC लागू नहीं होगी।
5️⃣ Section 156(3) CrPC की शक्ति प्रयोग करने के लिए केवल यह आवश्यक है कि शिकायत में cognizable offence का खुलासा हो।


